سلاسل التغريدات
सभी एक-एक शब्द ध्यान से पढ़ें! हिन्दुओं से विलग होने की भावना वाले या विलग हुए बौद्ध, जैन और सिक्खादि का निकट भविष्य में हिन्दू, मुसलमान, क्रिश्चियन और कम्युनिष्टों में विलय सुनिश...
न उन्हें श्रीराम से मतलब है और न बुद्ध से। हमारे शब्दों को यथार्थ सिद्ध मानिए। उनकी बुद्धि केवल इतना जानती है कि हमारा विरोध करना है... वे उस दिन की प्रतीक्षा करते हैं जब कोई उनके...
वामन भगवान नकली ब्रह्मचारी (क्योंकि हृदय में लक्ष्मी बैठी हैं) बनकर राजा बलि के पास जाते हैं। राजा बलि स्वर्णाभूषण से लेकर योग्य विप्राकन्या से विवाह करवा देने तक का प्रस्ताव रखते...
बौधायनधर्मसूत्र में वचन है- अध्यापन, यज्ञ और दान लेने में असमर्थ होने पर ब्राह्मण क्षत्रिय के धर्म का आश्रय लेकर जीविका निर्वाह करे क्योंकि यही ब्राह्मणधर्म के निकट है किन्तु गौतम...
लघुशंका की शास्त्रसम्मत पूर्णविधि का वर्णन। प्रथम प्रमाण संतों का जीवन है वही हम सभी के लिए आदर्श होना चाहिए। आचार्य आदि या गाँव के पुराने पुरुष बैठकर ही लघुशंका करते हैं, आप किन्...
ध्यान दें- अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हुआ है। सेंट्रल विस्टा (नया- संसद भवन, कार्यालय, आवास) का कार्य तीव्रगति से चल रहा है। पेड़ो को काटते हुए एक अनोखी चीज़ दिखाई पड़ी कि कई पे...
स्त्रियों की स्वतंत्रता, विद्रोह आदि पर चर्चा होती है। दूसरी ओर पुरुषों में व्यसन व्याप्त हो रहा है। जड़ समस्या पर विचार करने की आवश्यकता है। धर्म के अनुपालन में प्रमाद ही कालांतर...
हम इतना जानते हैं कि आपकी नियत शुद्ध है किन्तु नीति में त्रुटि है। आत्मीयदृष्टि से किसी भी प्राणी में भेद नहीं है। एक ही परमात्मा सर्वभूत-पञचभूत, स्थावर-जंघम प्राणियों के रूप में अ...
हितैषी और हितज्ञ में बहुत अंतर है। कफ से पीड़ित बालक के रोने पर उसको दूध पिलाने वाली माँ अपने बच्चे की हितैषी है किन्तु हितज्ञ नहीं। राष्ट्र और धर्म की चिंता करने वाले तथाकथित नेत...
समलैंगिक संबंध दो-क्षण भी टिकने योग्य नहीं है। हमारे धर्म में विवाह काम पर विजय प्राप्त करने के लिए है, काम-किंकर होने के लिए नहीं। समलैंगिकता में काम की पूर्ति संभव नहीं है। इससे...
Tamping, Straining, Filtration, Stamping, Moulding, Condensing. यह सभी कार्य इन सज्जन के द्वारा किए जाते हैं। आज अर्थ का स्रोत कुछ व्यक्तियों के पास चला गया है जो अपार धन एकत्रित...
कुछ क्षणों के लिए मानकर चलते हैं कि क्षत्रियभूषण सिद्धार्थ गौतम ही भगवान बुद्ध थे। निष्पक्षरूप से उपस्थित प्रमाणों के आधार पर भगवान बुद्ध ब्राह्मण कुल में ही सिद्ध होते हैं। फिर...