Ayush Sharma

Ayush Sharma

@ayusharma_bh

Manuvadi

मृत्युलोक انضم Feb 2025
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माताओं द्वारा सिन्दूर, बिन्दी, कुण्डल, नथनी, बिछिया आदि धारण करने का रहस्य। शिष्य द्वारा अपने स्वामी (गुरु) के कुल-सम्प्रदाय के चिह्न धारण किए जाते हैं। वैष्णव सम्प्रदाय में दीक्ष...

सर्वप्रथम ब्रह्माजी ने केवल पुरुषों की सृष्टि की थी। वे सभी मानसपुत्र आजीवन घोर तप करके ब्रह्मलोक चले आते थे। इस कारण सृष्टि का विस्तार नहीं हो रहा था। तब ब्रह्मा, विष्णु और शंकर द...

हमारे लिए किसी परिचित व्यक्ति की समस्या और अपरिचित व्यक्ति की समस्या समान महत्वपूर्ण है। कुछ के साथ न्याय और अन्यों के साथ अन्याय, ऐसा उचित नहीं है। करोड़ों व्यक्ति या स्थल के समी...

विवाह कब? ‘क्यों’— भूमिका लेखक धर्मसम्राट श्रीस्वामी करपात्रीजी महाराज तथा ग्रन्थ लेखक पण्डित माधवाचार्य शास्त्रीजी https://t.co/YgwlqJbd2W

परिस्थिति में परिवर्तन होता है। स्वधर्म की दिशा में किया गया प्रयत्न विफ़ल नहीं हो सकता है। अब तक जैसा जीवन आपने चाहा, वैसा बनाया। एक-दो दिन में बना क्या? बाल्यकाल से जैसे संस्कार,...

नगरीकरण और विशेषकर पाश्चात्यकरण ने अर्थ का अनर्थ कर दिया है। गौमाता को स्वतन्त्र छोड़ने की रीति आरम्भ से थी। सज्जनों, धर्मशास्त्र-इतिहास-पुराण उठाकर पढ़ लीजिए। इस धरती पर सर्वप्रथम...

केवल धर्मनिष्ठ ब्राह्मण ही उपदेश तथा उपाय कहने में अधिकृत होते हैं। व्यक्ति की स्थिति सुनकर अनुग्रह करने पर ही उन्हें मार्गदर्शन करना चाहिए। आज कोई भी व्यक्ति बाहर या सोशल मीडिया...

शास्त्रों में वेश्यावृत्ति करने वाली स्त्रियों को सम्माननीय माना गया है। नृत्य, नट-रंजन आदि कलाओं से सुशोभित होने पर वे गणिका कहलाती हैं। इन्हें राजा और बहुप्रजा द्वारा विशेष मान-प...

महापातक से उत्पन्न रोग— कुष्ठरोग (Leprosy) राजयक्ष्मा (Tuberculosis) प्रमेह (Gonorrhea) ग्रहणी (Duodenal) मूत्रकृच्छ्र (Strangury) श्वास (Asthma) अतिसार (Diarrhea) भगंदर (Anal Fis...

नारी— पाश्चात्य समाज में और हिन्दू समाज में (नारीअङ्क) (१) https://t.co/M0VqwQSSg1

हम यंत्रों के विरोधी नहीं हैं। दाल में नमक समान यंत्रों का प्रयोग विहित है। सामान्यरूप से महायंत्र सबके लिए साध्य नहीं होने चाहिए। कामचोरी व आलस्य का नाम व परिणाम महायंत्र न बन जाए...

वर्तमान समय में नारियों के लिए एक ओर कुआँ और दूसरी ओर खाई वाली स्थिति है। दो धारी तलवारी से सामने करने जैसी दशा है। अधिकतर व्यक्ति इस विषय को नहीं समझ पाएँगे या अधजल गगरी छलकत जाए...