Ayush Sharma
Ayush Sharma

@ayusharma_bh

12 تغريدة 3 قراءة Jan 30, 2023
ध्यान दें- अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हुआ है।
सेंट्रल विस्टा (नया- संसद भवन, कार्यालय, आवास) का कार्य तीव्रगति से चल रहा है। पेड़ो को काटते हुए एक अनोखी चीज़ दिखाई पड़ी कि कई पेड़ अन्यों से पृथक हैं, माने एक विशेष आकृति में लगाए गए हैं। यह पेड़ 'फ्रीमैसन' का चिह्न बना रहे हैं।
हम बहुत पूर्व से कह रहे हैं कि पूरी दिल्ली (लुटियंस क्षेत्र, कनॉट प्लेस इत्यादि) शैतानी शक्तियों के आवाहन हेतु बनाई गई है।
जैसे हिंदुओं में वास्तुशास्त्रानुसार मार्ग, भवन आदि का निर्माण करने से दैवीयशक्तियाँ प्रवेश करती हैं उसी प्रकार शैतानों को पोषित करने के लिए आकृति होती हैं।
आप कभी कनॉट प्लेस दिल्ली गए हों तो स्मरण कीजिए किस प्रकार से सड़के बनी हुई हैं। यदि उन मार्गों को समूलरूप से ऊपर से देखेंगे तो एक आकृति दिखाई पड़ेगी।
अमेरिका कोई स्वतंत्र देश नहीं है, अंग्रेज़ों का उपनिवेश मात्र है।
जैसे भारत में आरबीआई होता है उसी प्रकार अमेरिका में भी सेंट्रल बैंक है जिसके द्वारा डॉलर का संचालन होता है। यह सेंट्रल बैंक में बैठने वाले निजी व्यक्ति होते हैं न कि सरकारी वेतन भोगी कर्मचारी।
आज वैश्विक अर्थव्यवस्था के मूल में डॉलर है और डॉलर कुछ शक्तिशाली परिवारों के हाथ की कठपुतली मात्र है। इस सेंट्रल बैंक को कई बार ठप भी किया गया है, इस बैंक को पाने के पीछे कई विरोध हुए हैं। टाइटैनिक का डूबना भी इसी से संबंधित है।
हम नाम भी दे सकते हैं उन तीनों व्यक्तियों के जिन्हें छलपूर्वक टाइटैनिक पर न्योता देकर डुबा दिया गया और निमंत्रण देने वाला स्वयं नहीं आया। उन तीनों ने अमेरिका के सेंट्रल फेडरल रिजर्व बैंक का विरोध किया था।
अमेरिका के मूलनिवासी रेड इंडियन्स को मारकर एक ऐसे केंद्र के रूप में विकसित किया गया है जहाँ सभी देशों से व्यक्ति आएँ और अपनी मेधाशक्ति का उपयोग करके अंग्रेज़ों को उन्नत करें।
अमेरिका के राष्ट्रपति रह चुके ओबामा दो पीढ़ी पहले अमेरिकी नहीं थे।
विश्व के सर्वाधिक धनाढ्य व्यक्ति एलॉन मस्क दो पीढ़ी पहले अमेरिकी नहीं थे।
अधिकतर अमेरिकी दस पीढ़ी से कम के अमेरिकी हैं और इन्हीं का बहुमत है। स्कॉटिश, आयरिश, जर्मन, स्विस जिन्हें ओल्ड स्टॉक अमेरिकन कहा जाता है, ने मिलकर अमेरिका की जनसंख्या को तूल दिया है।
ओबामा के पूर्वज इंडोनेशिया से भी थे। हमारे भारत विशेषकर ओडिशा, तमिलनाडू, अरुणाचल, मेघालय के व्यक्तियों इंडोनेशिया गए और वहीं बस गए।
सबके मूल में हिन्दु (भारतीय) हैं।
अमेरिका का महानगर वॉशिंगटन डीसी भी एक विशेष आकृति में बनाया गया है जिससे उनके तंत्र को बल प्राप्त होता है।
साभार @smarthaechoes जी
वैश्विक राजकेंद्र ब्रिटेन है और व्यापारकेंद्र (धन का श्रोत) अमेरिका है। एशिया के देश मज़दूरी करने के लिए रखे गए हैं।

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