पूजा सुपारी के 10 ऐसे दुर्लभ लाभ उपाय, जो बदल देंगे आपके मुसीबत के दिन..
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जब सुपारी की विधिवत पूजा की जाती है तो वह चमत्कारी हो जाती है।
अगर आप इस चमत्कारी सुपारी को हमेशा अपने पास रखते हैं तो.. x.com
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जब सुपारी की विधिवत पूजा की जाती है तो वह चमत्कारी हो जाती है।
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जीवन में कभी भी पैसों का अभाव नहीं रहता।
आइए जानें सुपारी के 10 सटीक उपाय
1. पूजा की सुपारी पर जनेऊ चढ़ाकर जब पूजा जाता है तो यह अखंडित सुपारी गौरी गणेश का रूप बन जाती है।
इस सुपारी को तिजोरी में रखने पर घर में लक्ष्मी स्थायी रूप से निवास करने लगती हैं और सौभाग्य आने लगता है।
आइए जानें सुपारी के 10 सटीक उपाय
1. पूजा की सुपारी पर जनेऊ चढ़ाकर जब पूजा जाता है तो यह अखंडित सुपारी गौरी गणेश का रूप बन जाती है।
इस सुपारी को तिजोरी में रखने पर घर में लक्ष्मी स्थायी रूप से निवास करने लगती हैं और सौभाग्य आने लगता है।
2. पूजा में इस्तेमाल की गई सुपारी को तिजोरी में रखना भी लाभदायक होता है।
सुपारी को धागे में लपेटें और अक्षत, कुमकुम लगाकर पूजा जरूर कर लें।
पूजा में इस्तेमाल की गई सुपारी को तिजोरी में रखना भी लाभदायक होता है। x.com
सुपारी को धागे में लपेटें और अक्षत, कुमकुम लगाकर पूजा जरूर कर लें।
पूजा में इस्तेमाल की गई सुपारी को तिजोरी में रखना भी लाभदायक होता है। x.com
3. व्यापार में तरक्की के लिए भी सुपारी बहुत सहायक होती है।
माना जाता है कि शनिवार की रात पीपल के पेड़ की पूजा करके सुपारी और उसके साथ एक रुपये का सिक्का रखें।
अगले दिन उस पेड़ का पत्ता तोड़कर लाएं उस पर सुपारी रखें और इसे अपनी तिजोरी में रखें इससे व्यापार में बढ़ोत्तरी होती है। x.com
माना जाता है कि शनिवार की रात पीपल के पेड़ की पूजा करके सुपारी और उसके साथ एक रुपये का सिक्का रखें।
अगले दिन उस पेड़ का पत्ता तोड़कर लाएं उस पर सुपारी रखें और इसे अपनी तिजोरी में रखें इससे व्यापार में बढ़ोत्तरी होती है। x.com
4. पान का पत्ता रखें उस पर सिन्दूर में घी मिलाकर स्वस्तिक बनाएं और उस पत्ते पर मौली में लपेटी हुई सुपारी रख कर पूजा करनी चाहिए।
यह उपाय घर में सफलता के लिए द्वार खोलता है। x.com
यह उपाय घर में सफलता के लिए द्वार खोलता है। x.com
5. अगर आपका कोई काम बनते-बनते रह जाता है या किसी कार्य में लगातार असफलता मिल रही है तो जब भी उस कार्य को करने जाए तो एक लौंग और सुपारी अपने पास रख लिया करें।
काम के समय लौंग को अपने मुंह में रख लें और उसे चूसें।
सुपारी घर आने के बाद वापस गणेशजी के फोटो के सामने रख दें।
काम के समय लौंग को अपने मुंह में रख लें और उसे चूसें।
सुपारी घर आने के बाद वापस गणेशजी के फोटो के सामने रख दें।
इससे प्रयास पूर्वक करने से रूका हुआ कार्य निश्चित रूप से पूर्ण होगा।
6. सुपारी को चांदी की डिबिया में अबीर लगाकर किसी भी पूर्णिमा के दिन पूजा घर में रखें तो घर में मंगल कार्य जल्दी होते हैं। x.com
6. सुपारी को चांदी की डिबिया में अबीर लगाकर किसी भी पूर्णिमा के दिन पूजा घर में रखें तो घर में मंगल कार्य जल्दी होते हैं। x.com
7. हल्दी, कुंकुम और चावल लगाकर सुपारी पर मौली लपेटें और इसे किसी भी गुरुवार को विष्णु-लक्ष्मी मंदिर में छुपाकर आ जाएं।
इससे अविवाहित कन्या की शादी के योग बनते हैं।
जब रिश्ता पक्का हो जाए तो एक और सुपारी को शादी तक घर में रखें.....फिर जलाशय में विसर्जित कर दें। x.com
इससे अविवाहित कन्या की शादी के योग बनते हैं।
जब रिश्ता पक्का हो जाए तो एक और सुपारी को शादी तक घर में रखें.....फिर जलाशय में विसर्जित कर दें। x.com
8. अगर घर में कोई भी मांगलिक कार्य हो तो उसके निर्विघ्न संपन्न होने के लिए सुपारी को बोलकर लाल कपड़े में बांधकर छुपा दें।
जब कार्य अच्छे से संपन्न हो जाए तो यह सुपारी किसी गणेश मंदिर में जाकर रख दें।
जब कार्य अच्छे से संपन्न हो जाए तो यह सुपारी किसी गणेश मंदिर में जाकर रख दें।
9 . घर से जब कोई तीर्थ यात्रा पर जाए तो उसके सकुशल वापिस आने तक तुलसी के गमले में सुपारी गाड़ दें।
आने पर उसे धोकर किसी भी मंदिर में चढ़ा दें।
10. सुपारी को 7 बार अपने पर से उतार कर हवन कुंड में डालने से हर तरह की अला-बला दूर होती है। x.com
आने पर उसे धोकर किसी भी मंदिर में चढ़ा दें।
10. सुपारी को 7 बार अपने पर से उतार कर हवन कुंड में डालने से हर तरह की अला-बला दूर होती है। x.com
देवे तीर्थे द्विजे मन्त्रे दैवज्ञे भेषजे गुरौ ।
यादृशी भावना यस्य सिद्धिर्भवति तादृशी ।॥
अर्थ:- देवता, तीर्थ, ब्राह्मण, मन्त्र, ज्योतिषी, वैद्य और गुरु इनके प्रति मनुष्य की जैसी भावना होती है, वैसी ही उसको सिद्धि (फल) प्राप्त होती है।
यादृशी भावना यस्य सिद्धिर्भवति तादृशी ।॥
अर्थ:- देवता, तीर्थ, ब्राह्मण, मन्त्र, ज्योतिषी, वैद्य और गुरु इनके प्रति मनुष्य की जैसी भावना होती है, वैसी ही उसको सिद्धि (फल) प्राप्त होती है।
नोटः किसी भी पूजन उपायों का प्रयोग गुरु के निर्देश अनुसार लोक कल्याण के लिए ही करना चाहिए।
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((((( ॐ नमो भगवते वासुदेवाय )))))
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