Ayush Sharma
Ayush Sharma

@ayusharma_bh

8 تغريدة 3 قراءة Jun 16, 2024
Democracy नामक व्यवस्था विफ़ल सिद्ध हुई है। इसमें बिना योग्यता के मंत्रीपद प्रदान किए जाते हैं। इसका constitution भी उत्तम व्यवस्था व न्याय प्रदान करने में समर्थ नहीं है। सम्यक् विधान केवल शास्त्र कर सकते हैं, इसलिए अपौरुषेय वेद ही मूलतः संविधान है।
मंत्रियों को प्रभिशाली होना चाहिए या नहीं? हमारी व्यवस्था fair representation और meritocracy पर आधारित थी। धर्मसापेक्ष राजतंत्र में मंत्रीमण्डल का स्वरूप बतलाते हैं।
आज केवल जाति और गठबंधन की सीटों के आधार पर मंत्रीपद प्रदान किए जाते हैं जबकि हम गुण-ज्ञान-कौशल को महत्व देते हैं।
महाभारत में वर्णन है—
राजा को चाहिये कि जो वेदविद्या के विद्वान्, निर्भीक, बाहर-भीतर से शुद्ध एवं स्नातक हों, ऐसे चार ब्राह्मण, शरीर से बलवान् तथा शस्त्रधारी आठ क्षत्रिय, धन-धान्य से सम्पन्न इक्कीस वैश्य, पवित्र आचार-विचार वाले तीन विनयशील शूद्र
तथा आठ गुणों से युक्त एवं पुराणविद्या को जानने वाला एक सूत जाति का मनुष्य- इन सब लोगों का एक मन्त्रिमण्डल बनावे। उस सूत की अवस्था लगभग पचास वर्ष की हो और वह निर्भीक, दोषदृष्टि से रहित, श्रुतियों और स्मृतियों के ज्ञान से सम्पन्न, विनयशील, समदर्शी,
वादी-प्रतिवादी के मामलों का निपटारा करने में समर्थ, लोभरहित और अत्यन्त भयंकर सात प्रकार के दुर्व्यसनों से बहुत दूर रहने वाला हो। ऐसे आठ मन्त्रियों के बीच में राजा गुप्त मन्त्रणा करे।
शुक्रनीति में कहा गया—
जो विवाद विशेषज्ञ अथवा लोकाचार विशेषज्ञ, सदाचारी, शीलगुणयुक्त, शत्रु-मित्र में समभाव रखने वाले, धर्मज्ञ, सत्यवादी, आलस्यरहित, क्रोध-काम और लोभ को जीतने वाले, प्रियवादी, सभी जाति के वृद्ध तथा शिष्ट लोगों को सभासद बनाना चाहिए।
अन्यानपि प्रकुर्वीत शुचीन्प्राज्ञानवस्थितान्। सम्यगर्थसमाहर्तृनमात्यान्सुपरीक्षितान् ।।
— मनुस्मृति
पवित्र, बुद्धिमान्, स्थिरचित्त, न्यायपूर्वक अर्थोपार्जन करने वाले, भली प्रकार परीक्षा किए गए, अन्य मन्त्रियों को भी राजा को नियुक्त करना चाहिए।
आप सभी उपर्युक्त वाक्य पढ़कर स्वयं अङ्कन कीजिए कि कहाँ पर गुण, ज्ञान, कला, कौशल, योग्यता, प्रतिभा आदि को महत्व नहीं दिया गया है? जाति आवश्यक है किन्तु गुण अनिवार्य हैं।
भारत में राजतंत्र के प्रति घोर अनास्था उत्पन्न की गई है जबकि धर्मसपेक्ष राजतंत्र ही प्रजातंत्र कहने योग्य था।

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