Ayush Sharma
Ayush Sharma

@ayusharma_bh

3 تغريدة 1 قراءة May 05, 2024
ब्राह्मण्यां ब्राह्मणेनैवमुत्पन्नो बाह्मणः स्मृतः ॥
तस्य धर्म प्रवक्ष्यामि तद्योग्यं देशमेव च ॥
ब्राह्मणी के गर्भ में ब्राहाण के औरस से उत्पन्न हुआ मनुष्य ही ब्राहाण कहाता है; उसके धर्म और उसके रहने योग्य देश को कह‌ता हूँ ॥
कृष्णसारो मृगो यत्र स्वभावेन प्रवर्त्तते ॥
तस्मिन्देशे वसेद्धर्माः सिद्धयंति द्विजसत्तमाः ॥
हेः द्विजसत्तमगण ! जिस देश में कालामृग स्वभाव से ही विचरण करे उस देश में ब्राह्मण निवास करे, कारण कि किए हुए धर्म उसी देश में सिद्ध होते हैं ॥
— हारीतस्मृति
कालेमृग (Blackbuck) से भारतवर्ष को इंगित किया गया है। इनका क्षेत्र केवल भारत और नेपाल रहा है।
ब्राह्मणों को भारतभूमि का परित्याग नहीं करना चाहिए। इस भूमि से बाहर किए गए वैदिक अनुष्ठान निष्फ़ल हो जाते हैं। अपवर्ग चाहने वाले कष्ट सहते हुए भी भारत में निवास करें, विदेशगमन से बचें।

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