سلاسل التغريدات
इन 21 वस्तुओं को सीधे पृथ्वी पर रखना वर्जित होता है। ये वस्तुयें पृथ्वी की ऊर्जा को अव्यवस्थित करती हैं और उस स्थान को अशुभ बनाती हैं। ये वस्तुयें हैं - (1) मोती (2) शुक्ति (सीप...
सोलह कलाओं का संक्षिप्त ज्ञान भगवान श्रीकृष्ण के बारे में कहा जाता है कि वह संपूर्णावतार थे और मनुष्य में निहित सभी सोलह कलाओं के स्वामी थे। यहां पर कला शब्द का प्रयोग किसी 'आर्ट'...
जन्म से मृत्यु तक कुंडली के 12 भाव मनुष्य के लिए संसार में सबसे पहली घटना उसका इस पृथ्वी पर जन्म है, इसीलिए प्रथम भाव जन्म भाव कहलाता है। जन्म लेने पर जो वस्तुएं मनुष्य को प्राप्त...
पापका फल भोगना ही पड़ता है मनुष्यको ऐसी शंका नहीं करनी चाहिये कि मेरा पाप तो कम था पर दण्ड अधिक भोगना पड़ा अथवा मैंने पाप तो किया नहीं पर दण्ड मुझे मिल गया! कारण कि यह सर्वज्ञ, सर...
हनुमानजी का अद्भुत पराक्रम जब रावण ने देखा कि हमारी पराजय निश्चित है तो उसने 1000 अमर राक्षसों को बुलाकर रणभूमि में भेजने का आदेश दिया। ये ऐसे थे जिनको काल भी नहीं खा सका था। http...
गोत्र क्या है? तथा भारतीय सनातन आर्य परम्परा में इसका क्या सम्बंध है? https://t.co/l7yJH1L3aE
पाप करने वाले आनंद में, पुण्यात्मा कष्ट में ? ये कैसा न्याय! ईश्वर हैं भी या नहीं! स्कन्द पुराण की एक ज्ञानवर्धक कथा। https://t.co/cMG2B0v7en
पुरी में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ जी के मंदिर के दक्षिण द्वार के पास श्रीहनुमान जी की मूर्ति की कहानी अद्भुत है। कहा जाता है कि मंदिर के पास स्थित समुंदर की लहरें कभी भी...
भार्गव अस्त्र क्या था? इसका निर्माण किसने किया था।महाभारत युद्ध में इस अस्त्र का प्रयोग किया गया था? और किसने किया और किस पर किया? https://t.co/PBk4jlaRz6
।।हनुमान चालीसा को सिद्ध करने की विधि।। बहुत से लोग बस हनुमान चालीसा रट लेते हैं और बस बोलते जाते हैं। बोलने से हनुमान चालीसा सिद्ध नहीं होगी, जप करने से होगी। जप का अर्थ होता है...
।। रावण का नामकरण ।। वाल्मीकि रामायण के अनुसार जब रावण युद्ध में अपने भाई कुबेर को पराजित करके लंका को जा रहा था तो उस समय कैलाश पर्वत के ऊपर आकाश मार्ग में उसका पुष्पक विमान रुक...
।।शिव/विष्णु पूर्ण लोक के अनंत स्वामी।। एक बार भगवान् विष्णु अपने वैकुण्ठ लोक में सोये हुए थे! स्वप्न में वे क्या देखते हैं कि करोड़ों चंद्रमाओं की कान्तिवाले, त्रिशूल-डमरू -धारी,...