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हनुमान जी की अष्ट सिद्धियां क्या-क्या हैं? अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता... अस बर दीन्ह जानकी माता.... हनुमान चालीसा की ये चौपाइयां तो आपने सुनी ही होंगी लेकिन क्या आपको इनका सही...

राम रक्षा स्त्रोत के मंत्रो का अर्थ ।। श्रीरामरक्षास्तोत्रम्।। अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य। बुधकौशिक ऋषि श्रीसीतारामचंदोदेवता । अनुष्टुप् छन्दः । सीता शक्ति । श्रीमदहनुमान...

हम सब हनुमान चालीसा पढते हैं! क्या हमे चालीसा पढते समय पता भी होता है कि हम हनुमानजी से क्या कह रहे हैं या क्या मांग रहे हैं? बस रटा रटाया बोलते जाते हैं। आनंद और फल शायद तभी मिल...

।। रामकृष्ण परमहंस और मां आदिशक्ति।। गले का कैंसर था। पानी भी भीतर जाना मुश्किल हो गया,भोजन भी जाना मुश्किल हो गया। तो विवेकानंद ने एक दिन अपने गुरुदेव रामकृष्ण परमहंस से कहा कि “...

।। सोमरस और सुरापान (मदिरा) मे अंतर।। "देवता शराब नही पीते थे" सोमरस सोम के पौधे से प्राप्त था, आज सोम का पौधा लगभग विलुप्त है। शराब पीने को सुरापान कहा जाता था, सुरापान असुर क...

KNOW YOUR ANCESTORS AND THEIR INVENTIONS. 1. Father of Astronomy: Aryabhatta ; work - Aryabhattiyam. 2. Father of Astrology: Varahamihira , works; Panchasiddhantika, Bruhat Hora...

मां दुर्गा के 108 नाम और उनके अर्थ: 1. सती- अग्नि में जल कर भी जीवित होने वाली 2. साध्वी- आशावादी 3. भवप्रीता- भगवान शिव पर प्रीति रखने वाली 4. भवानी- ब्रह्मांड में निवास करने...

कृष्ण की बांसुरी की विभिन्न धुनें क्या हैं? कहा जाता है कि कृष्ण अलग-अलग धुन बजाते हैं: १) पहली धुन भगवान ब्रह्मा और भगवान शिव के ध्यान को तोड़ सकती है और वे विस्मय में सब कुछ भ...

रुद्राभिषेक हेतु महत्वपूर्ण बातें रुद्राभिषेक के लिए शिव जी की उपस्थिति देखना बहुत जरूरी है शिव जी का निवास देखे बिना कभी भी रुद्राभिषेक न करें, बुरा प्रभाव होता है शिव जी का निवा...

।।कुंडलिनी।। जिस प्रकार भूमण्डल का आधार मेरु पर्वत वर्णित है उसी प्रकार इस मनुष्य शरीर का आधार मेरुदण्ड अथवा रीढ़ की हड्डी है। मेरुदण्ड तैंतीस अस्थि-खण्डों के जुड़ने से बना हुआ है...

विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र (ऋषि मुनियो का अनुसंधान ) ■ क्रति = सैकन्ड का 34000 वाँ भाग ■ 1 त्रुति = सैकन्ड का 300 वाँ भाग ■ 2 त्रुति = 1 लव , ■ 1 लव = 1 क्षण...

रुद्राक्ष के प्रकार और उनके पहनने से लाभ रूद्राक्ष को धारने करने वाले के जीवन से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। शिवमहापुराण ग्रंथ में कुल सोलह प्रकार के रूद्राक्ष बताएं गए है औऱ सभी...