गहड़वाल साहब
गहड़वाल साहब

@The_Gaharwar

6 تغريدة 11 قراءة Dec 14, 2024
छोटा सा Thread है,अवश्य पढ़ें व शेयर करें -
उन लोगो को बेनकाब करने जा रहा हूं जो खुद को धर्म प्रचारक कहते हैं,
आज इस थ्रेड में हम आपको दिखायेंगे कि यह पाखंडी मुगलों के चाटुकारिता में कैसे उन्हें इश्वर और राम, कृष्ण बना रहे साथ ही मुगलों के लिए यहां ग्रंथ गढ़ रहे !
Thread 1/6 x.com
तथाकथित पूजनीय वर्ग,जो लालच में अंधे होकर इतना गिर गये थे, कि उन्होंने कभी अकबर की तुलना भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से कर डाली और उन्हें भगवान विष्णु का अवतार तक घोषित कर दिया।
अपने लालच में मुगलों से कृपा पाने के लिए उन्होंने अकबर को भगवान विष्णु का अवतार कह डाला
Thread - 2/6 x.com
पंडित योगेश्वर ने पलम बावली शिलालेख में ऐसे शासक जैसे कि गयासुद्दीन बलबन को भगवान विष्णु का अवतार बताया है ||
अब सोचिए उनकी मानसिकता कैसी रही होगी कि ऐसा काम इस तथाकथित पूजनीय समुदाय ने किया | और यह स्वयं को सनातन के प्रचारक कहते हैं, थू 💦
Thread 3/6 x.com
साथ ही, UGC NET की परीक्षा में पलम बावली शिलालेख के बारे में सवाल पूछा गया था, जिसे पंडित योगेश्वर द्वारा वर्णित किया गया है ||
Thread 4/6 x.com
आखिर उन्होंने कितनी नीचे स्तर का चापलूसी किया कि धर्म को ही बेच दिया ?
यह मानसिक मिश्रण यहीं नहीं रुका…
जब अकबर से संरक्षण पाने के लिए तथाकथित पूजनीय समुदाय ने उन्हें भगवान विष्णु जी का अवतार घोषित कर दिया व एक नये अपनिषद "अल्लोपनिषद" तक लिख दिया |
Thread 5/6 x.com
यहां तक कि यह ब्रिटिश वायसराय “कर्ज़न” जैसे क्रूर व्यक्ति को भी वराह अवतार, नारायण अवतार, भगवान गणपति जी, श्रीकृष्ण अवतार आदि का दर्जा देने से नहीं चूके।
मुगलों के साथ-साथ अंग्रेजो की चाटुकारिता में भी यह अव्वल रहें 😑
6/6
End 😑
आगे आप सभी मंथन करें || x.com

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