ऐसा हिन्दू वीर जिसने जगन्नाथ मंदिर पर आंख उ ठाने पर पूरे उड़ीसा के मु स्लमानो के सिर ध ड़ से अलग कर दिए...
दो मिनट की ऐतिहासिक महत्वपूर्ण पोस्ट..अंत तक जरुर पढ़े🧵 x.com
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पुराणों के अनुसार इस मंदिर को धरती का बैकुंठ माना गया है , हिन्दू धर्म मे मान्यता है, की भगवान श्रीकृष्ण यहां आज भी उपस्तिथ है । इस मंदिर की सबसे रोचक बात यह भी है, की इस मंदिर का ध्वज हमेशा हवा के विपरीत लहराता है, इसके साथ ही इस मंदिर के सुदर्शन चक्र को आप कहीं से भी खड़े होकर देख सकते है । जो बात इस मंदिर को सबसे रहस्यमयी बनाती है,
वह यह है, की इस मंदिर के मुख्य गुम्बद की छाया, कभी भी जमीन पर नही पड़ती, इस मंदिर के अंदर आप चले जाते है, तो बाहर की समुद्र की लहरों की आवाज आपको सुनाई नही देती । इस मंदिर में प्रसाद की भी कभी कमी नही होती, भारत का यह एकमात्र ऐसा मंदिर है, जिसका ध्वज रोज बदला जाता है, मान्यता है, की अगर एक दिन भी मंदिर का ध्वज नही बदला गया, तो यह मंदिर खुद को 18 साल के लिए बंद कर लेगा ।।
इस मंदिर की पवित्रता और महत्व को आप इससे समझ सकते है, की कोई हवाई जहाज इस मंदिर के ऊपर से नही गुजरता, यहां तक कि पक्षी भी इस मंदिर के ऊपर से होकर नही उड़ते। ।
1590 ईस्वी के आसपास कुतलु खान के नेतृत्व में इस महान को तोड़कर मस्जिद बनाने का कुत्सित प्रयास किया ।। जब आमेर के राजा मानसिंहजी कच्छवाह को इस खबर की सूचना मिली , तो उन्होने पठानो को समझाया, की इस मंदिर को तोड़ने का मत सोचो , वरना इसके बहुत ही गंभीर परिणाम तुम्हे भुगतने होंगे ।।
1590 ईस्वी के आसपास कुतलु खान के नेतृत्व में इस महान को तोड़कर मस्जिद बनाने का कुत्सित प्रयास किया ।। जब आमेर के राजा मानसिंहजी कच्छवाह को इस खबर की सूचना मिली , तो उन्होने पठानो को समझाया, की इस मंदिर को तोड़ने का मत सोचो , वरना इसके बहुत ही गंभीर परिणाम तुम्हे भुगतने होंगे ।।
भगवान जगन्नाथ मानसिंहजी के रूप में खुद अपनी रक्षा को उपस्तिथ हो गए ।। क्यो की उस समय मात्र मानसिंहजी ही एकमात्र राजा थे, जो वैष्णव धर्म का पालन कर रहे थे, निरीह प्राणियों की ह त्या तो दूर की बात है, वह लहसुन प्याज तक नही खाते थे।
ऐसे दिव्य पुरुष को देखकर भी पठान सुल्तान नही माना .... , मानसिंहजी ने बहुत समझाया, मेने तलवार उठा ली, तो बड़ा अनर्थ हो जाएगा .... पठान नही माना ..
आगे इस युद्ध का वर्णन तो क्या किया जाए, पूरे उड़ीसा में एक भी मु सलमान जिं दा नही छोड़ा गया, एक आध वही जिंदा बचे, जो उड़ीसा छोड़कर भाग गए ।। आज भी सबसे कम मु स्लिम आबादी उड़ीसा में ही है, मात्र 2%
जगन्नाथ मंदिर का मुक्ति मंडप आज भी मानसिंह की याद ताजा करता है ।।
जगन्नाथ मंदिर का मुक्ति मंडप आज भी मानसिंह की याद ताजा करता है ।।
जय जगन्नाथ प्रभु ✨🕉️⚡🆚🙏🚩
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