Jitendra Sharma ECI
Jitendra Sharma ECI

@JitendraEci

16 تغريدة 8 قراءة Sep 05, 2024
गंगापुत्र भीष्म पितामह के कुछ अनसुलझे रहस्य !
#Thread
माता गंगा के आठवें पुत्र देवव्रत, जिन्हें भीष्म पितामह के नाम से जाना जाता है, अपनी प्रतिज्ञा और त्याग के लिए महाभारत में अमर हैं।
उन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत लिया और कौरव-पांडव युद्ध में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महाराज शांतनु के गंगा से देवव्रत (भीष्म) हुए। भीष्म ने ब्रह्मचर्य की प्रतिज्ञा ली थी इसलिए यह वंश आगे नहीं चल सका। भीष्म अंतिम कौरव थे।
1 . वसुओं का श्राप: वसुओं ने वशिष्ठ ऋषि की कामधेनु चुरा ली थी, जिसके कारण वशिष्ठ ने उन्हें श्राप दिया। गंगा ने उनकी मुक्ति के लिए उन्हें अपने गर्भ में धारण किया।
2 . देवी-देवताओं का समय: यह वह काल था जब देवी-देवता धरती पर विचरण करते थे। गंगा इन्हीं में से एक थीं, जिन्होंने महाराज प्रतीप के पुत्र शांतनु से विवाह किया और भीष्म को जन्म दिया।
3 . शांतनु और गंगा का विवाह: गंगा ने शांतनु से विवाह करने के लिए यह शर्त रखी थी कि वे उनके किसी भी कार्य में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। उन्होंने अपने 7 पुत्रों को गंगा में बहा दिया।
4. माता गंगा के आठवें पुत्र देवव्रत (भीष्म) :- माता गंगा के आठवें पुत्र देवव्रत, जिन्हें भीष्म पितामह के नाम से जाना जाता है जिसे उन्होंने महाराज शांतनु को सौंप दिया
5. सत्यवती का आगमन: सत्यवती से विवाह के लिए भीष्म ने आजन्म ब्रह्मचर्य का व्रत लिया और राज्य का उत्तराधिकारी बनने का अधिकार त्याग दिया।
6. भीष्म प्रतिज्ञा: पिता के वंश को बचाने के लिए भीष्म ने आजन्म अविवाहित रहने की प्रतिज्ञा ली, जिससे उन्हें इच्छामृत्यु का वरदान मिला।
7. कुरुवंश का संकट: भीष्म ने काशीराज की पुत्रियों का हरण किया, परंतु विचित्रवीर्य की मृत्यु के बाद कुरुवंश को आगे बढ़ाने के लिए सत्यवती ने नियोग प्रथा का सहारा लिया।
8. भगवान परशुराम से युद्ध: अम्बा के अपहरण के कारण परशुराम और भीष्म के बीच 21 दिन तक युद्ध हुआ, जिसमें भीष्म अपने ब्रह्मचर्य व्रत पर अटल रहे।
9. श्रीकृष्ण की भक्ति: भीष्म ने श्रीकृष्ण को भगवान रूप में पहचान लिया और उनके प्रति सदा भक्तिभाव में रहे।
10. महाभारत युद्ध: भीष्म कौरवों के सेनापति बने और 10 दिन तक भीषण युद्ध किया।
11. युद्ध में हथियार डालना: अंत में, वे शिखंडी के सामने हथियार डाल देते हैं।
12. दुर्योधन को समझाना: भीष्म ने दुर्योधन को कई बार समझाया कि युद्ध छोड़कर वंश की रक्षा करें, लेकिन दुर्योधन ने उनकी एक न सुनी।
13. इच्छामृत्यु का रहस्य: भीष्म ने सूर्य के उत्तरायण होने का इंतजार किया ताकि उन्हें सद्गति प्राप्त हो सके।
14. शरशय्या पर बाणों की सैय्या: भीष्म शरशय्या पर लेटे रहे और अंतिम समय तक अपने व्रत पर अडिग रहे।
15. महाभारत युद्ध की समाप्ति.

جاري تحميل الاقتراحات...