Jitendra Sharma ECI
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@JitendraEci

18 تغريدة 6 قراءة Sep 04, 2024
क्या मंदिर बनने से रोजगार मिल जाएगा, कृपया पूरा पढ़े ?
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केदारनाथ, बद्रीनाथ, वृंदावन, बनारस, तिरुमला जैसे जगह के रोजगार का मुख्य केंद्र वहां स्थित देवालय ही है।
फूल-पत्ती, माला, प्रसाद को बेचकर जहाँ सैकड़ों अत्यंत गरीब लोग अपने परिवारों की जीविका चलाते हैं
मंदिरे सिर्फ रोज़गार हीं नहीं देती अपितु आम लोगों के सेवा हेतु मंदिर ट्रस्ट विद्यालय, अस्पताल, वृद्धाश्रम, अनाथालय का भी निर्माण करवाती है, जिससे फायदा आम जनमानस को होता है।
आइए बताते हैं भारत के मंदिर करोड़ो लोगों को रोजगार कैसे देतें है...
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1.धार्मिक पुस्तक बेचनें वालों को और उन्हें छापनें वालों को रोजगार देतें हैं।
2. माला बेचनें वालों को घंटी-शंख और पूजा का सामान बेचने वालों को रोजगार देतें हैं।
3. फूल वालों को माला बनानें और किसानों को रोजगार देतें हैं।
4. मूर्तियां-चित्र बनानें और बेचनें वालों को रोजगार देतें हैं।
5. मंदिर प्रसाद बनानें और बेचनें वालों को रोजगार देतें हैं।
6. रिक्शे वाले गरीब लोग जो कि धार्मिक स्थल तक श्रद्धालुओं को पहुंचाते हैं उन रिक्शा और आटो चालकों को रोजगार देतें हैं।
7. मंदिरों के किनारे जो गरीबों की छोटी-छोटी दुकानें होती है उन्हें भी रोजगार मिलता है।
8. मंदिरों के कारण अंगूठी-रत्न बेचनें वाले गरीबों का परिवार भी चलता है।
9. मंदिरों के कारण दिया बनानें और कलश बनानें वालों को भी तो रोजगार मिलता है।
10. मंदिरों से उन ६५,००० खच्चर वालों को रोजगार मिलता है जो कि श्रद्धालुओं को दुर्गम पहाड़ों पर प्रभु के द्वार तक ले जातें हैं।
11. मंदिर के कारण जो हजारों मेले हर वर्ष लगते हैं-एक मेलों में जो चरखा-झूला चलानें वालों को भी तो रोजगार मिलता है।
12. भारत में दो लाख से अधिक जो भी होटल हैं और धर्मशालाएं हैं उनमें रहनें वाले लोगों को मंदिर ही तो रोजगार देतें हैं।
13. मंदिरों के कारण लाखों अपंग और भिखारियों और अनाथ बच्चों को रोजी-रोटी मिलती है।
14. मंदिरों के कारण ही हिंदू धर्म में पीपल-बरगद -पिलखन- आदि वृक्षों की रक्षा होती है।
15. मंदिरों के कारण लाखों वानरों की रक्षा होती है और सांपों की हत्या होने से बचती है।
16. मंदिरों के कारण लाखों टूरिस्ट मंदिरों में घूमतें हैं और छोटे-छोटे चाय-पकौडे-टिक्की बेचनें वाले सभी गरीबों का जीवन यापन भी तो चलता है।
सनातन धर्म उन करोडों लोगों को रोजगार देता है जो गरीब हैं, इनमें केवल पंडित ही नही, हर धर्म, हर जाति के जो ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं और जिन के पास धन-जमीन और खेती नहीं है जो बेसहारा हैं जिनका कोई नहीं, उनके राम है, उनके श्याम है और उनके महादेव है.

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