तहक्षी™ Tehxi
तहक्षी™ Tehxi

@yajnshri

21 تغريدة 44 قراءة Aug 24, 2024
सहस्र रोग का निवारण केवल एक मुद्रा जीवन में उपयोगी हो जाती है
#thread 🧵
एकाग्रता,स्मरण शक्ति, मानसिक शक्ति, बढ़ाती है , क्रोध शांत करती है ,अनिद्रा दूर करती है ।
समय ३०-४६ मिनट नित्य
कानों की सुनने की शक्ति बढ़ाती है , उच्च रक्तचाप में लाभ देती है केवल तीस मिनट करे
शरीर की हड्डियों व मांसपेशियों को मज़बूत करने का कार्य करती है , विटामिन की कमी को दूर करती है केवल तीस मिनट करे
चर्म रोगों में लाभकारी , पानी की सही मात्रा शरीर में बनाये रखती है, लघु शंका जैसे रोग का निवारण करती है ,केवल तीस मिनट करे
घुटनों एवं शरीर में कही दर्द में लाभ देती है , सर्वाइकल,दर्द,गठिया,एड़ी का दर्द, ह्रदय की पीड़ा में इसे करना चाहिए केवल तीस से पैंतालीस मिनट अभ्यास करे
शरीर में कही सुन्नपन,कान की कोई भी समस्या और कान से किसी आवाज़ का लगातार संचार रोकती है केवल तीस मिनट अभ्यास करे
सर्दी, जुकाम में लाभकारी, मोटापा कम करने में सहायक, मधुमेह,यूरिया को कम करती है ,मोतिया बिंद कम होता है ,नेत्र ज्योति बढ़ती है , केवल १६ मिनट अभ्यास करे
शरीर में कही भी सूजन कम करती है, पेट को ठीक रखती है, साइनस , को कम करती है ३०/४५ मिनट अभ्यास करे
शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है, दृष्टि दोष कम होता है, कोई भी ब्लॉकेज दूर होती है , सभी प्रकार के बुख़ार में लाभ देती है ,३०/४५ मिनट अभ्यास करे
नाभि के नीचे पेट, गुप्तांग,घुटने, पैरआदि सब अंगो के संबंधित रोग का उपचार करती है , पैरों की जलन,हिचकी, श्वास रोग, पेट दर्द, कब्ज़, रोगों को ठीक करती है ३०/ ४५ मिनट अभ्यास करे
उच्च तथा निम्न रक्तचाप दोनों में लाभकारी है , हृदय रोग में , अचानक रक्तचाप बढ़ने या घटने में लाभकारी , वात, पित्त, कफ़ का संतुलन बनाती है ३०/४५ मिनट अभ्यास करे
थायरॉयड (hyper/hypo) दोनों ने लाभकारी , स्मरण शक्ति बढ़ाती है १५/३० मिनट तक अभ्यास करे
तन मन बुद्धि को शक्ति देती हुई संकल्प शक्ति बढ़ाती है , मन प्रसन्न रखती है , पाचन शक्ति बढ़ाती है , पाँच पाँच मिनट में पाँच बार नित्य करे
इस मुद्रा से गले की ग्रंथियाँ थायराइड पैराथायराइड ग्रंथियो पर अच्छा प्रभाव डालती है इससे गला ठीक होता हैं स्वर सुरीला होता है बोलने की शक्ति बढ़ती है इसे १५ मिनट में ३ बार नित्य करे
बवासीर [Piles], फिशर [Fissure] में लाभकारी है । पाचन शक्ति बढ़ती है, वायु विकार समाप्त होता है, महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता समाप्त होती है । गले के रोग समाप्त होते है, कंठ की आवाज में मधुरता आती है । रक्त संचार अच्छा होता है । 15 मिनट दिन में 3 बार नित्य
पथरी में लाभ मिलता है, हाथ-पैर व मुँह की सूजन में लाभ मिलता है । यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में होने वाले दर्द में भी लाभ मिलता है । 5 /15 मिनट नित्य
शरीर में वायु का दर्द समाप्त होता है, शून्य मुद्रा लगने से ध्वनि प्रदूषण समाप्त होता है । मन भी शांत होता है । प्राणायाम के समय 15-20 मिनट नित्य
इस मुद्रा से शरीर में गर्मी बढ़ने से सर्दी के कारण होने वाले रोगों यथा -जुकाम, खांसी, दमा, अस्थमा, सायनस, निमोनिया, lungs में पानी भरना, टी.बी.आदि में लाभ मिलता है । निम्न रक्तचाप [Low Blood Pressure] में भी लाभ रहता है । इस मुद्रा से एलर्जी एवं संक्रमण [Infection] में भी लाभ होता है । 15 - 30 मिनट नित्य
यह मुद्रा श्वास नली में सूजन में लाभकारी है । श्वास रोग ठीक होते हैं। श्वास नली में जमे कफ को निकालने में लाभ मिलता है । 5 मिनट 4-5 बार नित्य
इस मुद्रा से अस्थमा ठीक होता है । पहले श्वसनी मुद्रा 5 मिनट करने के बाद 5 मिनट अस्थमा मुद्रा करना अच्छा रहेगा । 15 मिनट प्रातः एवं सायं काल में अभ्यास करे

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