कांग्रेस अध्यक्ष @kharge ने संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्वीट किया और दावा किया कि देश के 74% लोग स्वस्थ आहार का खर्च नहीं जुटा सकते, लेकिन यह पूरी तरह से झूठ है।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘स्टेट ऑफ़ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड 2023’ नामक एक रिपोर्ट जारी की गई।
316 पन्नों की इस रिपोर्ट में दुनिया के कई देशों में पौष्टिक आहार और उसे खरीद पाने की क्षमता पर बात की गई है।
316 पन्नों की इस रिपोर्ट में दुनिया के कई देशों में पौष्टिक आहार और उसे खरीद पाने की क्षमता पर बात की गई है।
इस रिपोर्ट में भारत की स्थिति ‘दयनीय देशों’ में गिनाई गई है।
सच ये है कि इस रिपोर्ट के लिए आंकड़े सिर्फ मुंबई से लिए गए हैं। भारत के तमाम 28 राज्य एवं 8 केंद्र शासित प्रदेशों में से एक शहर से!
मुंबई में भी सिर्फ 3,000 लोगों पर जुटाई गई जानकारी पर ये रिपोर्ट जारी की गई है।
सच ये है कि इस रिपोर्ट के लिए आंकड़े सिर्फ मुंबई से लिए गए हैं। भारत के तमाम 28 राज्य एवं 8 केंद्र शासित प्रदेशों में से एक शहर से!
मुंबई में भी सिर्फ 3,000 लोगों पर जुटाई गई जानकारी पर ये रिपोर्ट जारी की गई है।
इस रिपोर्ट में स्वस्थ आहार की लागत स्थानीय खाद्य पदार्थों को देखकर निकाली जाती है जो आहार संबंधी दिशानिर्देशों को पूरा करते हैं।
क्या मुंबई एवं देश के अन्य हिस्सों में मिलने वाले खाद्य पदार्थों की कीमतों की तुलना संभव है?
क्या मुंबई एवं देश के अन्य हिस्सों में मिलने वाले खाद्य पदार्थों की कीमतों की तुलना संभव है?
प्रश्न ये है कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस रिपोर्ट पर इतना भरोसा करते हैं तो उन्होंने इस रिपोर्ट में शामिल अन्य बिंदुओं को क्यों साझा नहीं किया?
इसी रिपोर्ट में भारत में बढ़ते कृषि अनुसन्धान और कृषि बाजार की सफलता का भी जिक्र किया गया है।
इसी रिपोर्ट में भारत में बढ़ते कृषि अनुसन्धान और कृषि बाजार की सफलता का भी जिक्र किया गया है।
रिपोर्ट में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया है कि किस प्रकार से भारत में ग्रामीण एवं शहरी के बीच के फासले को यातायात ने कम कर सब्जी, डेयरी प्रोडक्ट, मीट आदि की मांग एवं पूर्ती के संतुलन के साथ लोगों की आमदनी में भी इजाफा किया है।
वहीं इसी रिपोर्ट मे भारत में ई-कॉमर्स बाजार के विकास का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 महामारी के बाद जहाँ चीन में ई-कॉमर्स के बाजार में प्रति वर्ष 10 से 20% की वृद्धि हुई वहीं भारत में यह वृद्धि 30 से 70% की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 महामारी के बाद जहाँ चीन में ई-कॉमर्स के बाजार में प्रति वर्ष 10 से 20% की वृद्धि हुई वहीं भारत में यह वृद्धि 30 से 70% की थी।
कांग्रेस के लिए यदि आंकड़े वास्तव में मायने रखते तो ये उस रिपोर्ट का भी प्रचार अवश्य करते जो UNDP द्वारा जारी आंकड़ों पर भी चर्चा करते जिसमें बताया गया है कि विगत 6 वर्षों में 13.5 करोड़ लोग, स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर में सुधार के चलते बहुआयामी गरीबी से बाहर निकल गए।
नीति आयोग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोरोना महामारी से उबरते हुए उत्तर प्रदेश के साथ, बिहार और मध्य प्रदेश ने सबसे तेजी से लोगों की गरीबी में कमी दर्ज की है।
संयुक्त राष्ट्र की जिस रिपोर्ट का जिक्र खड़गे कर रहे हैं वो एक तरह से अधूरी रिपोर्ट है और एक अधूरे डेटा से भारत की झूठी तस्वीर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
@Abhiisshhek
thepamphlet.in
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