◆ हम सभी के घरों में फिटकरी का इस्तेमाल सालों से होता आ रहा है। अक्सर इसका इस्तेमाल पानी को साफ करने के लिए किया जाता है। कई पुरुष फिटकरी को आफ्टर शेव के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं। फिटकरी कई औषधीय गुणों से भरपूर होती है।
आयुर्वेद में फिटकरी का उपयोग कई समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। फिटकरी न केवल स्वास्थ्य, बल्कि त्वचा और बालों से संबंधित समस्याओं को भी दूर करती है। शरीर को स्वस्थ रखने से लेकर त्वचा और बालों को खूबसूरत बनाने तक के लिए फिटकरी का प्रयोग आसानी से किया जा सकता है।
इसका इस्तेमाल करके कई बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। फिटकरी की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसका उपयोग सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
एंटी-बायोटिक
फिटकरी में एंटी-बायोटिक गुण पाए जाते हैं, जिसकी वजह से यह कई तरह के इंफेक्शन से लड़ने में काफी प्रभावी है। बुखार, खांसी और अस्थमा जैसी समस्याओं में फिटकरी का इस्तेमाल कारगर साबित हो सकता है।
फिटकरी में एंटी-बायोटिक गुण पाए जाते हैं, जिसकी वजह से यह कई तरह के इंफेक्शन से लड़ने में काफी प्रभावी है। बुखार, खांसी और अस्थमा जैसी समस्याओं में फिटकरी का इस्तेमाल कारगर साबित हो सकता है।
अगर आपको खांसी की शिकायत है, तो आप फिटकरी पाउडर को शहद के साथ मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं। ऐसा करने से खांसी से राहत मिलसकती है। इसके अलावा, फिटकरी दांतों में कैविटी या मसूड़ों में इंफेक्शन को ठीक करने में भी फायदेमंद मानी जाती है।
दांतों में दर्द या सूजन होने पर फिटकरी के पानी से कुल्ला करना चाहिए। इससे दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।
एंटी-बैक्टीरियल
फिटकरी में एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं। इसी गुण के कारण यह बैक्टीरिया को नष्ट करने में काफी प्रभवी है। फिटकरी गले की खराश, शरीर की दुर्गंध, खुजली, एक्जिमा, डैंड्रफ आदि समस्याओं में काफी लाभकारी होती है।
फिटकरी में एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं। इसी गुण के कारण यह बैक्टीरिया को नष्ट करने में काफी प्रभवी है। फिटकरी गले की खराश, शरीर की दुर्गंध, खुजली, एक्जिमा, डैंड्रफ आदि समस्याओं में काफी लाभकारी होती है।
अगर आपके शरीर से पसीने की बदबू आती है तो आप पानी में फिटकरी मिलकर नहा सकते हैं।
फिटकरी के पानी से गरारे करने से गले की खराश से राहत मिलती है। बालों में डैंड्रफ और जुओं से छुटकारा पाने के लिए पानी में फिटकरी पाउडर मिलाएं। इसे अपने स्कैल्प पर लगाकर मसाज करें।
फिटकरी के पानी से गरारे करने से गले की खराश से राहत मिलती है। बालों में डैंड्रफ और जुओं से छुटकारा पाने के लिए पानी में फिटकरी पाउडर मिलाएं। इसे अपने स्कैल्प पर लगाकर मसाज करें।
◆एंटी-इंफ्लेमेटरी
फिटकरी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण दर्द और सूजन को कम कर सकते हैं। अगर आपके शरीर के किसी हिस्से में दर्द या सूजन है, तो फिटकरी से पानी से सिंकाई करने से आराम मिल सकता है।
फिटकरी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण दर्द और सूजन को कम कर सकते हैं। अगर आपके शरीर के किसी हिस्से में दर्द या सूजन है, तो फिटकरी से पानी से सिंकाई करने से आराम मिल सकता है।
जिन लोगों के जोड़ों में दर्द रहता है, वे फिटकरी के पानी में पैरों को डुबोकर बैठ सकते हैं। इसके अलावा, आप फिटकरी पाउडर और हल्दी को मिलाकर प्रभावित हिस्से पर लगा सकते हैं। ऐसा करने से दर्द से काफी राहत मिलेगी।
एस्ट्रिंजेंट
फिटकरी में एस्ट्रिंजेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। फिटकरी के उपयोग से चेहरे के मुंहासों, दाग-धब्बों और झुर्रियों की समस्या से राहत मिल सकती है। फिटकरी चेहरे का कालापन दूर करने में भी काफी कारगर है।
फिटकरी में एस्ट्रिंजेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। फिटकरी के उपयोग से चेहरे के मुंहासों, दाग-धब्बों और झुर्रियों की समस्या से राहत मिल सकती है। फिटकरी चेहरे का कालापन दूर करने में भी काफी कारगर है।
फिटकरी में मौजूद एस्ट्रिंजेंट गुण के कारण त्वचा के रोम छिद्रों में कसाव लाने में मदद मिलती है। रोमछिद्रों के बड़े होने के कारण मुंहासे होने की संभावना अधिक रहती है। चेहरे पर फिटकरी रगड़ने से पिंपल्स और झुर्रियों की समस्या दूर हो सकती है।
इसके अलावा, आप फिटकरी के पानी से मुंह भी धो सकते हैं। ऐसा करने से स्किन संबंधी समस्याओं में काफी लाभ हो सकता है।
मुँह में अल्सर के लिए उपयोगी
फिटकरी के फायदे मुँह के छालों और अल्सर में भी होते हैं। मुँह के छालों को आयुर्वेद में मुख पाक के नाम से जाना जाता है और ये आमतौर पर जीभ, होंठ, गालों के अंदर, निचले होंठ के अंदर या मसूड़ों पर दिखाई देते हैं।
फिटकरी के फायदे मुँह के छालों और अल्सर में भी होते हैं। मुँह के छालों को आयुर्वेद में मुख पाक के नाम से जाना जाता है और ये आमतौर पर जीभ, होंठ, गालों के अंदर, निचले होंठ के अंदर या मसूड़ों पर दिखाई देते हैं।
फिटकरी मुँह के छालों को जल्दी ठीक करने में मदद करती है। यह इसके कसैले और उपचार के गुणों के कारण होता है। इसके लिए आप एक से दो चुटकी फिटकरी का पाउडर बना लीजिये।
फिर इसमें अपनी आवश्यकता के अनुसार शहद मिलाकर प्रभावित जगह पर दिन में एक या दो बार लगाइये। मुँह के छालों को हटाने के लिए ऐसा रोजाना करना अच्छा होगा।
ब्लीडिंग पाइल्स
पाइल्स को आयुर्वेद में अर्श के रूप में जाना जाता है जो खराब आहार और एक लचर जीवन शैली के कारण होता है। ऐसा मुख्यतः वात के कारण होता है। बढ़ा हुआ वात खाना ना डाइजेस्ट होने का कारण बनता है जिससे कॉन्स्टिपेशन होता है।
पाइल्स को आयुर्वेद में अर्श के रूप में जाना जाता है जो खराब आहार और एक लचर जीवन शैली के कारण होता है। ऐसा मुख्यतः वात के कारण होता है। बढ़ा हुआ वात खाना ना डाइजेस्ट होने का कारण बनता है जिससे कॉन्स्टिपेशन होता है।
इससे रेक्टम की नसों में सूजन आ जाती है और इसी से बवासीर हो जाती है। कई बार इस स्थिति में ब्लीडिंग भी हो सकती है। फिटकरी ब्लीडिंग को नियंत्रित करने में मदद करती है। यह इसके कसैले और हेमोस्टेटिक गुणों के कारण होता है।
आपको बवासीर की शिकायत हो गई है तो आप एक से दो चुटकी फिटकरी लेकर उसे एक चम्मच शहद के साथ मिला लीजिये। बवासीर को नियंत्रित करने के लिए हल्का भोजन करने के बाद दिन में दो बार आप इसका सेवन कर सकते हैं। बवासीर के लिए ये एक रामबाण इलाज है। फिटकरी के फायदे बवासीर में बहुत जल्दी होते है
● फिटकरी अपने औषधीय गुणों की वजह से जानी जाती है। लेकिन ध्यान रखें कि फिटकरी का ज्यादा सेवन या उपयोग करने से आपको नुकसान पहुंच सकता है। किसी भी समस्या या बीमारी में फिटकरी का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।
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