◆ इसबगोल एक तरह से फाइबर डाइट के तौर पर काम करता है और पाचन तंत्र को ठीक करने का काम करता है। इसबगोल की भूसी वर्षों से कब्ज की परेशानी झेल रहे लोगों को भी फायदा पहुंचाती है। भारत में हर दूसरा इंसान गैस, कब्ज और एसिडिटी की परेशानी परेशान होता ही रहता है।
कारण:
कब्ज की समस्या आम तौर पर उन लोगों में ज्यादा होती है जो पूरे दिन बैठकर काम करते हैं और एक्सरसाइज नहीं करते हैं।
कब्ज की समस्या आम तौर पर उन लोगों में ज्यादा होती है जो पूरे दिन बैठकर काम करते हैं और एक्सरसाइज नहीं करते हैं।
इसबगोल की भूसी क्या है ?
इसबगोल की भूसी खाने से पहले हमें इसके बारे में जान लेना चाहिए। इसबगोल एक पौधे का बीज है जिसे प्लांटागो ओवाटा के नाम से जाना जाता है। इसबगोल का पौधा लगभग गेहूं के पौधे जैसा ही होता है। इसबगोल की भूसी का इस्तेमाल कई तरह की दवाओं में भी किया जाता है।
इसबगोल की भूसी खाने से पहले हमें इसके बारे में जान लेना चाहिए। इसबगोल एक पौधे का बीज है जिसे प्लांटागो ओवाटा के नाम से जाना जाता है। इसबगोल का पौधा लगभग गेहूं के पौधे जैसा ही होता है। इसबगोल की भूसी का इस्तेमाल कई तरह की दवाओं में भी किया जाता है।
इसबगोल की भूसी कितनी खानी चाहिये ?
ऐसा नहीं है कि यह भूसी है तो आप इसे जितना मर्जी हो उतना खा सकते हैं इसके खाने की खुराक भी तय होती है। इसबगोल की भूसी का इस्तेमाल भी उम्र के हिसाब से किया जाता है। इसबगोल की भूसी को पानी या दूध में मिलाकर लिया जाता है।
ऐसा नहीं है कि यह भूसी है तो आप इसे जितना मर्जी हो उतना खा सकते हैं इसके खाने की खुराक भी तय होती है। इसबगोल की भूसी का इस्तेमाल भी उम्र के हिसाब से किया जाता है। इसबगोल की भूसी को पानी या दूध में मिलाकर लिया जाता है।
मात्रा:
इसबगोल की भूसी एक से दो चम्मच तक आप नियमित उपयोग कर सकते हैं जब तक कब्ज, गैस और एसिडिटी की परेशानी रहती है। ज्यादा समय तक इसबगोल की भूसी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए इससे नुकसान भी हो सकता है।
इसबगोल की भूसी एक से दो चम्मच तक आप नियमित उपयोग कर सकते हैं जब तक कब्ज, गैस और एसिडिटी की परेशानी रहती है। ज्यादा समय तक इसबगोल की भूसी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए इससे नुकसान भी हो सकता है।
तरीके:
एक गिलास गर्म पानी में एक से दो चम्मच ईसबगोल की भूसी मिलाएं और रात में खाना खाने के बाद इसका सेवन करें।
एक गिलास गर्म पानी में एक से दो चम्मच ईसबगोल की भूसी मिलाएं और रात में खाना खाने के बाद इसका सेवन करें।
एक कटोरी दही में एक से दो चम्मच इसबगोल की भूसी मिलाएं। मिठास के लिए आप इसमें चीनी भी स्वादानुसार मिला सकते हैं। इसबगोल और दही का मिश्रण दस्त से आराम दिलाने में बहुत कारगर होता है। इसबगोल और दही को खाने के कुछ देर बाद एक गिलास पानी पिएं।
पेट साफ़ करने के लिए रात में एक चम्मच त्रिफला पाउडर और दो चम्मच ईसबगोल भूसी मिलाकर गर्म पानी के साथ इसका सेवन करें।
इसबगोल की भूसी खाने में क्या सावधानिया रखनी चाहिए ?
अगर आप पहले कभी एपेंडिसाइटिस या पेट में ब्लॉकेज जैसी समस्याओं से पीड़ित रह चुके हैं तो ईसबगोल का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रुर लें।
अगर आप पहले कभी एपेंडिसाइटिस या पेट में ब्लॉकेज जैसी समस्याओं से पीड़ित रह चुके हैं तो ईसबगोल का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रुर लें।
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी आयुर्वेदिक औषधि का सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। इसलिए अगर आप गर्भवती हैं और कब्ज़ से आराम पाने के लिए इसबगोल का सेवन करना चाहती हैं तो पहले अपनी गायनकोलॉजिस्ट से इस बारे में पूछ लें।
अन्य सावधानी
तीन साल से कम उम्र के बच्चों को ईसबगोल की भूसी खिलाने से परहेज करना चाहिए।
कभी भी इसबगोल के पाउडर को सीधे निगलने की कोशिश ना करें। ऐसा करने से यह गले में अटक सकता है और तेज खांसी या गले में जलन की समस्या हो सकती है। हमेशा ईसबगोल को पानी या दही के साथ ही लें।
तीन साल से कम उम्र के बच्चों को ईसबगोल की भूसी खिलाने से परहेज करना चाहिए।
कभी भी इसबगोल के पाउडर को सीधे निगलने की कोशिश ना करें। ऐसा करने से यह गले में अटक सकता है और तेज खांसी या गले में जलन की समस्या हो सकती है। हमेशा ईसबगोल को पानी या दही के साथ ही लें।
अगर आप सीमित मात्रा में या डॉक्टर द्वारा बताई गयी खुराक के अनुसार इसका सेवन करें तो आप इसबगोल के सभी फायदों का लाभ उठा सकते हैं। यकीन मानिए इसबगोल को सही तरीके से खाने से यह बहुत जल्दी अपना असर दिखाती है और पेट के रोगों से मुक्ति दिलाती है।
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