Manoj Singh™
Manoj Singh™

@ManojSDabas

4 تغريدة 33 قراءة May 07, 2023
⚠️ जब सागर स्वयं धरती पर हि है तो धरती को उसी पे सिथित सागर में कैसे डुबाया जा सकता है।
जब भी भगवान विष्णु के वराह अवतार कि बात होती है तो एक विशेष नास्तिक तपका उसका मज़ाक़ बनाता नज़र आता है व कुछ उसको मिथ्या या मनघडन्त कहानी बता के अठहास व उपहास करते नज़र आते है।
कुछ कुतर्क…
सबसे पहले हम बात करेंगे “क्वासर” कि।
जी हाँ NASA के विज्ञानिकों कि 2 टीमो ने ने ब्रह्मांड में अब तक खोजे गए पानी के सबसे बड़े और सबसे दूर के जलाशय की खोज की है।
यह पानी धरती के महासागर से 140 ट्रिलियन गुना पानी के बराबर, यह एक विशाल खिला ब्लैक होल को घेरता है, जिसे क्वासर कहा…
और ये पहली बार नहीं है जब आधुनिक विज्ञान ने अंतरिक्ष के अंदर बड़े जल स्त्रोत को खोजा है। उसके लिए मैं एक और विज्ञानिक खोज को सबूत के तौर पर रखने जा रहा हूँ जिसका कहना है -
एक्सोप्लैनेट्स यानी हमारे सौर मंडल से बाहर के ग्रहों पर पानी मौजूद है। एक्सोप्लैनेट वर्ष 1992 में पाए गए…
अत: आधुनिक विज्ञान भी अब अपनी खोज को आगे बढ़ाने के लिए श्रीमद्भावाद गीता पुराण को माध्यम व सहारा मान के अपनी खोज को आगे बढ़ा रही है, आधुनिक विज्ञान भी अब मानने लगी है की श्रीमद्भागवद पुराण में इतने वर्ष पहले इन बातो का वर्णन होना मात्र कल्पना या कथा नहीं है व इन्ही स्लोको को…

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