SDeshmukh
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@SDesh01

8 تغريدة 8 قراءة Mar 03, 2023
शराब घोटाले के सभी आरोपियों के बीच में एक एग्रीमेंट हुआ था कि हर 3 दिन में अपना अपना मोबाइल फोन और सिम कार्ड तोड़कर उसे भट्टी में जलाकर नष्ट कर देना है। ताकि कोई भी डिजिटल सबूत ना रहे और कभी भविष्य में कोई किसी को ब्लैकमेल ना कर सके।
#शराब_घोटाला
#मनीष_सिसोदिया
#KejriwalExposed
लेकिन तीन आरोपी दिनेश अरोड़ा, अमित अरोड़ा और अर्जुन पांडे यह जानते थे कि यह पूरी गैंग बहुत बड़ी धूर्त है। यह तीनों अपने मोबाइल फोन और सिम कार्ड नष्ट नहीं करते थे। बल्कि मनीष सिसोदिया को बोल देते थे कि हां हमने अपना फोन नष्ट कर दिया है ।
इस गैंग ने सिर्फ 6 महीने में 500 मोबाइल फोन बदला अकेले मनीष सिसोदिया ने 170 फोन चेंज किए।
फिर जब शिकंजा कसा तब दिनेश अरोड़ा अमित अरोड़ा और अर्जुन पांडे को लगा उनके हाथ से तो टेंडर भी चला गया और उन्होंने जो ₹80 करोड़ रुपये दिए वह भी चले गए और मनीष सिसोदिया मौज कर रहा है।
तब उन्होंने सीबीआई से कहा कि वह सरकारी गवाह बनने को तैयार हैं और पूरा सबूत देंगे। मनीष सिसोदिया को यह बात नहीं पता था इन तीनों आरोपियों ने फोन नष्ट नहीं किया है।
उसके बाद जब सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया तब मनीष सिसोदिया ने अपने स्तर से पता किया। तब उसे पता चला कि अमित अरोड़ा दिनेश, अरोड़ा और अर्जुन पांडे ने अपना मोबाइल फोन और सिम कार्ड सीबीआई को दे दिया है और सीबीआई को बहुत सारी सुबूत मिल चुके हैं।
तब इसके पैरों के नीचे जमीन खिसक गई और उसके बाद इसे विश्वास हो गया कि अब सीबीआई मुझे गिरफ्तार करेगी। फिर इसने नौटंकी शुरू की, अपनी मां से मिलने गया,अपनी बीमार पत्नी का हवाला दिया और तो और राजघाट पर जाकर गांधी के समाधि के आगे नौटंकी कि।
बहुत कम मामले में होता है कि जब सीबीआई या पुलिस किसी आरोपी की जितने दिन की रिमांड मांगे अदालत उतने दिन की रिमांड दे दे।
सीबीआई ने कोर्ट से मनीष सिसोदिया की 5 दिन की रिमांड मांगी और कोर्ट में जब सारे सबूत देखें तब जज ने यह स्वीकार किया कि अभी और बातें हैं उगलवाना बाकी है मनीष सिसोदिया इसमें पूरी तरह से दोषी है और उसे 5 दिन का रिमांड दे दिया।

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