Nirgunbhairavi
Nirgunbhairavi

@nirgunaady

5 تغريدة 16,014 قراءة Jan 18, 2023
दुखिया को ना सताइए दुखिया देगा रोए
जब दुखिया का मुखिया सुने तब तेरी गति क्या होय?
उमा क्षमा श्रापहु ते भारी। यदि संत तुम्हारे अपराध पर कुछ ना बोले, तुम्हें क्षमा कर दें, तो जान लेना कि तुम्हारी दुर्गति निश्चित है। यदि डांट दिया तो बच गए।
एक संत नाव में बैठे हुए थे, उनके शिष्य
भी पास बैठे हुए थे। बड़ी नाव थी, गंगाजी पार कर रहे थे। दो पुलिस कर्मचारी भी चढ़े। पहले पुलिस घोड़ों पर चलते थे, बंदूक लिए हुए थे व उसपे संगीन लगी होती थी। नाव बहुत बड़ी थी। संत बहुत सिकुड़े हुए बैठे थे अपने शिष्यों सहित। पुलिस वाले ने अभिमान में जूते की ठोकर मारकर कहा, ऐ हट! तो
वे और हट गए। और साइड हटो। अब कितना हटते, जगह होती तब ना, तो वे चुप बैठे रहे। पुलिस वाले ने शिष्य को दो थप्पड़ मारे, किन्तु वह शांत बैठा रहा। नाव चल पड़ी व नदी पार कर किनारे पे उथले पानी मे लग गयी तो पुलिस वाले ने जूते गीले न हो इस कारण छलांग लगाने के लिए बंदूक का सहारा लिया और
बंदूक नीचे लगाई। जैसे ही छलांग लगाई तो संगीन सीधे उसकी गर्दन के पार चली गई।
अब गुरु सीधे उठे और शिष्य को आठ दस थप्पड़ लगाए। अन्य सवारि बोले महाराज इसमें इसका क्या दोष?
गुरु बोले कि अगर इसने थोड़ा भी डांटडपट दिया होता तो वह मरता नहीं, इसने कुछ नहीं बोला इसलिए उसकी मृत्यु हो गई।
इसलिए संत कुछ ना बोलें तुम्हारी गलती पे तो यह मत मानना वह दब गया। वह तो चुप हो गया लेकिन उसका स्वामी तुम्हे दंड देगा। संतों को अनाथ न समझो यह ईश्वर के साक्षात पार्षद हैं जिनके लिए वह कहते हैं
अहम भक्त पराधीनो
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#JoshimathIsSinking
#palgharsadhus
#hindugenocide

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