महाप्रभु (मुकूंद)
महाप्रभु (मुकूंद)

@Aatma_the_soul4

7 تغريدة 140 قراءة Jun 03, 2022
★ वीर बेताल साधना का प्रयोजन
असिम सामर्थ्य की प्राप्ती के लिऐ वीर बेताल साधना की जाती थी।
इसमे निर्जन स्थान पर जा कर एक शव पर आरुढ हो कर "वीर वैताल शाबर मंत्र" का एक हजार बार जाप करना पडता है।
१]
इस शाबर मंत्र के एक हजार जाप पुरे होने के बाद संपूर्ण शरीर मे कापालिनी का संचार होने लगता है और बेताल स्वयं विहंगम रुप मे उपस्थित हो जाता है और इच्छा पुर्ती का वचन देता है
२]
यह साधना कमजोर दिल वालों के लिऐ नही है। जो लोग स्वभाव से साहसी है केवल वे ही इसका प्रयोजन करे। सफल हो जाऐ तो असिमीत सामर्थ्य का लाभ होता है अन्यथा बडे बडे सुरमाओं को पागल कर देती है।
३]
गुप्त काल मे इस साधना का प्रचलन था।
सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय ने शक राजा पर विजय प्राप्त करने के लिऐ बेताल साधना का अनुष्ठान कीया था।
चंद्रगुप्त स्वभाव से ही साहसी थे। बाद मे इन्होने शकों पर विजय प्राप्त की थी।
४]
बाद मे पुष्यभूती साम्राज्य के काल मे भी वीर बेताल साधना का प्रचलन होने के साक्ष मिलते है।
हर्षचरीत से पता चलता है की, कापालिक भैरवाचार्य ने स्मशान मे जा कर एक शव पर बैठ कर वीर बेताल साधना का अनुष्ठान पुर्ण कीया था।
५]
आगे हम और भी बिकट साधनाओं पर चर्चा करेंगे।
जय श्री बेताल 🙏

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