सनातन संवाद
सनातन संवाद

@banna88888

3 تغريدة 3 قراءة Apr 11, 2022
सर कट जाए धड़ लड़ जाए ,इतिहास लिखा मर्दानों पर ।
फिर गर्व करे अपना भारत ,हम सतियों की संतानों पर ।।
अरे उठो ठाकुरों जंग छिड़ गई , अब पुरखों के बलिदानों पर ,
ये राजपुताना लज्जित ना हो, अपनी ही सन्तानो पर ।।
ढूंढो तो कहाँ है क्षत्र साल ,बिखरी है फौज बुंदेलों की ।
इतिहास के पन्नों पर अंकित दुर्दशा हो गई महलों की ।।
फिर राख पुकारे चित्तौड़ी ,श्री रतनसिंह की रानी की।
क्या चीख सुनाई देतीं नहीं ,सोलह हजार क्षत्राणी की ।।
ये जौहर है पद्मनियों का ,इतिहास रक्त रत्नाकर है ।
शिव के समान विषपान किया ,यह बलिदानों का सागर है ।।
जर्जर होकर खंडहर में पड़ी ,क्यों हस्ती राजपुताने की ।
अरे उठो कुछ तो सँघर्स करो ,बनजाओ फौज महाराने की ।।
माँ क्षत्राणी की कोख़ चुनी , भगवान चुने क्षत्रिय का घर ।
मर्यादा का अध्याय गढ़ा ,फिर करदी चढ़ाई लंका पर ।।
जय श्री राम
जय क्षात्र धर्म
~ठाकुर अश्विन सिंह परिहार✍️

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