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क्षात्रत्व
क्षत्रियो के जो गुण क्षत्रिय यदुवंश शिरोमणि भगवान कृष्ण ने गीताजी में कहे है उनमें एक है युद्ध से पलायन ना होना ।
सिर्फ युद्ध से ही नही बल्कि जीवन मे आनेवाली हर मुश्किल से पलायन ना होते हुए उसका डटकर सामना करना भी क्षत्रिय धर्म है [1]
क्षात्रत्व
क्षत्रियो के जो गुण क्षत्रिय यदुवंश शिरोमणि भगवान कृष्ण ने गीताजी में कहे है उनमें एक है युद्ध से पलायन ना होना ।
सिर्फ युद्ध से ही नही बल्कि जीवन मे आनेवाली हर मुश्किल से पलायन ना होते हुए उसका डटकर सामना करना भी क्षत्रिय धर्म है [1]
समय के साथ युद्ध की व्याख्या बदलती रहती है ।
समरांगण में लड़ने वाले युध्द का समय अभी नही है अभी समय है जीवन मे आनेवाली मुश्किल रूपी दुश्मनो से लड़कर जीतकर खुद को ऊपर उठाने का ।
ये मुश्किल कोई भी हो सकती है [2]
समरांगण में लड़ने वाले युध्द का समय अभी नही है अभी समय है जीवन मे आनेवाली मुश्किल रूपी दुश्मनो से लड़कर जीतकर खुद को ऊपर उठाने का ।
ये मुश्किल कोई भी हो सकती है [2]
आर्थिक, सामाजिक, राजकीय, वैचारिक लेकिन इन मुश्किलो में खुद को बेहतर बनाते बनाते सतत लड़ते रहना ही क्षत्रिय धर्म और कर्म भी है ।
महाराजा हरिश्चंद्र से लेकर महाराणा प्रताप से लेकर आज़ादी के बाद लाखो क्षत्रियो से सबकुछ छूट गया था । [3]
महाराजा हरिश्चंद्र से लेकर महाराणा प्रताप से लेकर आज़ादी के बाद लाखो क्षत्रियो से सबकुछ छूट गया था । [3]
उनकी सत्ता, संपति, प्रजा भी लेकिन उसके बाद भी उन्होंने लड़ना नही छोड़ा ।
जीवन की इन मुश्किल घडिओ में उन्होंने खुद को बेहतर बनाया, सतत संघर्ष किया और परिणाम ये हुआ कि गवाया हुआ, छूटा हुआ सब वापस पा लिया ।
युद्ध का एक अर्थ होता है [4]
जीवन की इन मुश्किल घडिओ में उन्होंने खुद को बेहतर बनाया, सतत संघर्ष किया और परिणाम ये हुआ कि गवाया हुआ, छूटा हुआ सब वापस पा लिया ।
युद्ध का एक अर्थ होता है [4]
संघर्ष...जीवन के किसी भी क्षण में किसी भी परिस्थिति में सतत संघर्ष करते रहना ही क्षत्रिय धर्म और कर्म है ।
मुश्किले वेश बदल बदल कर सामने आती रहेगी ।
आप आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएंगे, सामाजिक लेवल पे आप से दूरी बनाए जाएगी, राजकीय क्षेत्र से आपको दूर किया जाएगा [5]
मुश्किले वेश बदल बदल कर सामने आती रहेगी ।
आप आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएंगे, सामाजिक लेवल पे आप से दूरी बनाए जाएगी, राजकीय क्षेत्र से आपको दूर किया जाएगा [5]
आपके पर वैचारिक आक्रमण होते रहेंगे लेकिन फिर भी आपको डटे रहना है क्योंकि किसी भी स्थिति में पलायन करने क्षत्रिय धर्म के विरुद्ध है ।
लड़ाई के हथियार बदल गए है ।
बल की जगह बुद्धि ने ले ली है, तलवार की जगह विचारो ने ले ली है, दुश्मन सद्म वेश बदलकर आपके सामने आएगा । [6]
लड़ाई के हथियार बदल गए है ।
बल की जगह बुद्धि ने ले ली है, तलवार की जगह विचारो ने ले ली है, दुश्मन सद्म वेश बदलकर आपके सामने आएगा । [6]
लेकिन आपको सिर्फ और सिर्फ आपके कर्म और धर्म को याद करके इन सभी परिस्थितियों से विचलित ना होते हुए , इन परिस्थितियों को समझते हुए सतत लड़ते रहना है ।
✍🏻✍🏻✍🏻:- @kshatriyalegacy
✍🏻✍🏻✍🏻:- @kshatriyalegacy
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