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भाणगोत सोलंकी वंश द्वारा निर्मित टोरडी गढ़ ।
(वर्तमान टोरडी ठिकानेदार खंगारोत कछवाहा वंश)
टोडा टोडारायसिंह के सोलंकी वंश के संस्थापक राव गोविंदराजजी के 2 पुत्र थे बड़े कुंभराज छोटे किल्हणदेव।
किल्हणदेव जी के दो पुत्र हुवे भाड़ह्ग (भाणगोत) मल्हग (महलगोत) ।... (1)
भाणगोत सोलंकी वंश द्वारा निर्मित टोरडी गढ़ ।
(वर्तमान टोरडी ठिकानेदार खंगारोत कछवाहा वंश)
टोडा टोडारायसिंह के सोलंकी वंश के संस्थापक राव गोविंदराजजी के 2 पुत्र थे बड़े कुंभराज छोटे किल्हणदेव।
किल्हणदेव जी के दो पुत्र हुवे भाड़ह्ग (भाणगोत) मल्हग (महलगोत) ।... (1)
मलह्ग जी घाटी चांदसेण का राज किया जहां उन्होंने सितारा नाम का दुर्ग बनवाया।
भड़गदेव जी ने टोडा के नाम से टोरडी नगर बसाया दुर्ग बनवाया भड़ग जी के 13 पुत्र हुए समस्त भाणगोत सोलंकी कहलाऐ वर्तमान में ज्यादातर भाणगोत सोलंकी बनते हैं...(2)
भड़गदेव जी ने टोडा के नाम से टोरडी नगर बसाया दुर्ग बनवाया भड़ग जी के 13 पुत्र हुए समस्त भाणगोत सोलंकी कहलाऐ वर्तमान में ज्यादातर भाणगोत सोलंकी बनते हैं...(2)
लेकिन उन्हें यह पता नहीं कि आप भड़ग जी के 13 पुत्रों में से (थाबा) किन के वंशज हो
उड़ना पृथ्वीराज मेवाड़ की रानी ताराबाई टोरडी ठिकाने से थी टोरडी टोडा का एक ठिकाना था। ताराबाई की याद में उड़ना पृथ्वीराज ने अजमेर दुर्ग पर तारागढ़ नाम का एक महल बनाया था। ..(3)
उड़ना पृथ्वीराज मेवाड़ की रानी ताराबाई टोरडी ठिकाने से थी टोरडी टोडा का एक ठिकाना था। ताराबाई की याद में उड़ना पृथ्वीराज ने अजमेर दुर्ग पर तारागढ़ नाम का एक महल बनाया था। ..(3)
भाणगोत व महलगोत सोलंकी वंश के गॉव...
नागपुरा, गागरहेडा, किशनगढ, सैरपुर, (आलोट के पास), कोडर, बारणवास, अगवाल, रजवास, बहडवास, चौसला, बबराणा, देवडो की भागल, लहराई, साबरी, धोधास, खरल, मालवण, कैकिण खैडै, संथली, आलोद, अणघोर, बाघोर, सडा, नीबोल, पण्डितपुर,..(4)
नागपुरा, गागरहेडा, किशनगढ, सैरपुर, (आलोट के पास), कोडर, बारणवास, अगवाल, रजवास, बहडवास, चौसला, बबराणा, देवडो की भागल, लहराई, साबरी, धोधास, खरल, मालवण, कैकिण खैडै, संथली, आलोद, अणघोर, बाघोर, सडा, नीबोल, पण्डितपुर,..(4)
मंगलवाड छरहरी, नीलोई, बछखैडा, साणोद, बान्दर सिंदरी, पिपल्याा, कोलीवाडा, (निमोद), कुसथला, ढिकोलाव, बडाखैडा, अबोली, सापालाव, करेडा, अडवाल, ढीली, फतेगढ, ढोस, सेवा, डूडावता, डाबर, बणथल देईखैडा, छीप्या, भाटखैडा, घोवली, ढीकोलाव, भगोडा, सीगोली, खैरण, नगर (चित्तोड)...(5)
सरल्यावास, सजणपुर, गोठडा, बडाऊ, धोली, पीपलू, भोजहेडा,,पहाडी, सिरस, डूगरी, पाचोरी, नाहरी का बास, नोरंगपुर ,बसवा, दहला इस प्रकार से कई गॉव हैं जिनका पता करना है |
नाथावत और भाणगोत यह दो उपशाखाऐ ऐसे प्रचारित हो गई कि सब भाणगोत, नाथावत सोलंकी कहलाने लग गये | ..(6)
नाथावत और भाणगोत यह दो उपशाखाऐ ऐसे प्रचारित हो गई कि सब भाणगोत, नाथावत सोलंकी कहलाने लग गये | ..(6)
भाणगोत सोलंकियों के 29 गॉव हैं | राजस्थान में
पश्चिम राजस्थान में कालेचा, डहर और तोगडू व बीकू सोलंकी रहते थे | यह शाखायें अब कहां गई | या तो वंशावली लिखने वाले अनजान थे या यह शाखाऔ का पतन हो गया | यह शोध का विषय हैं |
✍🏻✍🏻@balu_banna7773
पश्चिम राजस्थान में कालेचा, डहर और तोगडू व बीकू सोलंकी रहते थे | यह शाखायें अब कहां गई | या तो वंशावली लिखने वाले अनजान थे या यह शाखाऔ का पतन हो गया | यह शोध का विषय हैं |
✍🏻✍🏻@balu_banna7773
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