Jani Het
Jani Het

@jani_het

19 تغريدة 517 قراءة Mar 13, 2021
देशद्रोही आंबेडकर की कुंडली
अंबेडकर पूरी जिंदगी में सदैव थर्ड डिग्री में पास हुए।
मैट्रिक परीक्षा में, डॉ। बाबासाहेब अम्बेडकर ने कुल 750 अंकों में से 282 अंक प्राप्त किए। (डॉ। धनंजय कीर द्वारा लिखित डॉ। बाबासाहेब अम्बेडकर की जीवनी)
शूद्रों को पढ़ने को अधिकार था।
अंबेडकर के पिता जी खुद उस ज़माने में आर्मी में सूबेदार मेजर थे! उन्होंने पूना में आर्मी नॉर्मल स्कूल से शिक्षण में डिप्लोमा प्राप्त किया था।
उस जमाने में अंबेडकर को गुजरात बढ़ोदरा के क्षत्रिय राजा सीयाजी गायकवाड़ ने स्कॉलरशिप दी।m.timesofindia.com
अंबेडकर ने नारियों को पढ़ने का अधिकार नहीं दिया!
अंबेडकर के समय ही 15 पढ़ी लिखी औरतों ने संविधान लिखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया!
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अंबेडकर ने सदैव अंग्रेजों का साथ दिया भारत छोड़ो आंदोलन की जम कर खिलाफत की अंग्रेजो को पत्र लिखकर बोला कि आप और दिन तक देश में राज करिए उन्होंने जीवन भर हर जगह आजादी की लड़ाई का विरोध किया
thequint.com
अंबेडकर ने हर संभव तरीके से भारत की स्वतंत्रता का विरोध किया।
उन्होंने हमारे स्वतंत्रता संग्राम को "एक बेईमान आंदोलन" कहा और कहा कि अछूत इसका हिस्सा नहीं हैं।
अंबेडकर ने भारत की आजादी को छीनने के लिए हर संभव कोशिश की।
1946 के चुनाव में पूरे भारत भर में अंबेडकर की पार्टी की जमानत जप्त हुई थी।
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अंबेडकर ने जिन्ना और पेरियार के साथ पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान के साथ दलितिस्तान और द्रविड़िस्तान के गठन की साजिश रची।
जब अम्बेडकर ने ब्रिटिश सरकार की सेवा की। एक ही समय में ब्रिटिश सरकार के दौरान श्रम मंत्री के रूप में। लाखों भारतीयों को भूखा रखा। वह वह था जो ब्रिटिश राज को खुश और समर्थन कर रहा था जब भारत अपनी स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहा था।
सरदार पटेल जानते थे कि अंबेडकर भारत के लिए खतरा हैं। इसलिए, उन्होंने अपनी चिंता व्यक्त की कि अम्बेडकर के अनुयायी सफल नहीं होंगे
Source : Sardar Patel’s Correspondence, Durga Das, Vol 2, pp.344-345
अंबेडकर ने भारत का संविधान नहीं लिखा।
बी एन राऊ हैं, जो कि विधानसभा के संवैधानिक सलाहकार थे , जिन्होंने विभिन्न उपसमितियों की रिपोर्टों के आधार पर और संविधान सभा द्वारा पिछले चरण में उल्लिखित चर्चाओं के आधार पर एक मसौदा संविधान तैयार किया था।
देश के सभी नेताओं का तत्कालीन पहनावा भारतीय पोशाक धोती -कुर्ता, पैजामा-कुर्ता, सदरी व टोपी,पगड़ी, साफा, आदि हुआ करता था।गांधी जी ने विदेशी पहनावा व वस्तुओं की होली जलवाई थी।
यद्यपि कि नेहरू, गाधीं व अन्य नेता विदेशी विश्वविद्यालय व विदेशों में रहे भी थे फिर भी स्वदेशी आंदोलन से जुड़े रहे।अंबेडकर की कोई भी तस्वीर भारतीय पहनावा में नही है।अंबेडकर अंग्रेजिएत का हिमायती था।
उनकी शादी 15 साल की उम्र में 9 साल की लड़की से की।
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his father registered his name as Ambadawekar in school, meaning he comes from his native village 'Ambadawe' in Ratnagiri district. His Devrukhe Brahmin teacher, Krishnaji Keshav Ambedkar, changed his surname from 'Ambadawekar' to his own surname 'Ambedkar' in school records.
जरा सोचिए भारत कितना दुर्भाग्यशाली है! भारत की स्वतंत्रता का विरोध करने वाला व्यक्ति अब भारत रत्न है।

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