سلاسل التغريدات
मृत्यु का भय.....!! किसी नगर में एक आदमी रहता था। उसने परदेश के साथ व्यापार किया। मेहनत फली, कमाई हुई और उसकी गिनती सेठों में होने लगी। महल जैसी हवेली बन गई। वैभव और बड़े परिवार क...
आचरण.....!! एक बार की बात है। एक राज्य के राजा अपने राज्य के राजा पुरोहित का बहुत सम्मान करते थे। जब भी वह आते राजा स्वयं अपने सिंहासन से उठकर उनका सम्मान करते थे। https://t.co/jX...
महाराज दशरथ का जन्म एक बहुत ही अद्भुत घटना है पौराणिक धर्म ग्रंथों के आधार पर बताया जाता है कि एक बार राजा अज दोपहर की वंदना कर रहे थे ! https://t.co/rqle5UE9OV
गौ सेवा का फल.....!! अयोध्या के राजा दिलीप बड़े त्यागी, धर्मात्मा, प्रजा का ध्यान रखने वाले थे। उनके राज्य में प्रजा संतुष्ट और सुखी थी। राजा की कोई संतान नहीं थी। https...
सरल भक्ति.....!! एक साधु थे उनका न कोई आश्रम न धर्मशाला न कोई ठिकाना जहाँ रात होती वही ठहर जाते और भिक्षा से जो मिलता भगवान का भोग लगाते। https://t.co/KiSa0bDoIG
प्रभु का निर्णय.....!! मृत्यु के देवता ने अपने एक दूत को भेजा पृथ्वी पर। एक स्त्री मर गयी थी, उसकी आत्मा को लाना था। देवदूत आया, लेकिन चिन्ता में पड़ गया। क्योंकि तीन छोट...
अर्जुन जी ने. श्री कृष्ण भगवान जी से कहा. हे वासुदेव. हे ज्ञान मूर्ति. मैं आपसे जानना चाहता हूं. कि धर्म क्या है. और अधर्म क्या है. https://t.co/gusZMyHaQh
प्रभु की दुकान.....!! एक दिन में सड़क से जा रही थी, रास्ते में एक जगह बोर्ड लगा था, ईश्वरीय किराने की दुकान मेरी जिज्ञासा बढ़ गई क्यों ना इस दुकान पर जाकर देखो इसमें बिकता क्या ह...
गाय से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी...! 1. गौ माता जिस जगह खड़ी रहकर आनन्दपूर्वक चैन की सांस लेती है। वहाँ वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं। https://t.co/HfQoh9rU9f
ब्राह्मण का कायाकल्प ...! एक राजा ने एक ब्राह्मण को दयनीय हालत में जब भिक्षाटन करते देखा तो अपने मंत्री की ओर व्यंग्य कसकर बोले - 'मन्त्रिवर ! ये हैं तुम्हारे ब्राह्मण ! जिन्हें...
सोचिए...... द्रोणाचार्य जैसे महान धर्मगुरु तक ने वीर अभिमन्यु को मारने के लिए नैतिकता और मर्यादा का ख्याल नहीं किया.... एक अकेले अभिमन्यु को घेर कर मार डाला... https://t.co/0wlPc1z...
जनेऊ क्यों धारण किया जाता है? और क्या है इसके लाभ ! हिन्दू धर्म के 24 संस्कारों में से एक है ‘जनेऊ संस्कार’ जिसके अंतर्गत जनेऊ पहनी जाती है इसे ‘यज्ञोपवीत संस्कार’ भी कहते हैं। इस...